भाई मरदाना का जीवन और रूपक संदेश
रबाब वादक भाई मर्दाना का जन्म १४५९ ईस्वी में राय भोई की तलवंडी में हुआ था, जिसे अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब कहा जाता है। भाई मर्दाना ने निस्वार्थ भाव से गुरु नानक के साथ दो दशकों तक सुदूर स्थानों का सफर किया और विविध संस्कृतियों और धार्मिक विश्वासों के लोगों की एकता के बारे में अपना प्रत्यक्ष ज्ञान साझा किया।
भाई मर्दाना का रूहानी संदेश गुरु ग्रंथ साहिब में उनके २ सबदों में दर्ज है।
भाई मरदाना की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ


