शेख़ फ़रीद का जीवन और रूपक संदेश
शेख़ फ़रीद, जिन्हें गंज-ए-शक्कर (मिठास का खजाना) के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म ११७३ ईस्वी में वर्तमान पाकिस्तान में मुल्तान से १० किमी पश्चिम में एक गाँव कोठेवाल में हुआ था। वह शेख़ कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के शागिर्द बने। कंधार और बगदाद में शिक्षा प्राप्त करने और उसके बाद दिल्ली और फरीदकोट में समय बिताने के बाद, वह अंततः सतलुज नदी के तट पर अजोधन नामक एक सुदूर और निर्जन गाँव में बस गए, जिसे बाद में पाकपट्टन के नाम से जाना जाने लगा। गुरु नानक और भाई मर्दाना ने एशिया भर में अपनी यात्रा के दौरान दो अवसरों पर पाकपट्टन का दौरा किया।
शेख़ फ़रीद का रूहानी संदेश गुरु ग्रंथ साहिब में उनके १३४ सबदों में दर्ज है।
शेख़ फ़रीद की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ
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शेख़ फ़रीद सबद (१ - २०)


