भगत सधना का जीवन और रूपक संदेश।
भगत सधना की पहचान सधना कसाई के तौर पर भी है। उनका जन्म पाकिस्तान के सिंध सूबे के एक शहर सिहवन शरीफ़ में ११८॰ ईस्वी में मुसलमान परिवार में हुआ। भगत सधना ने अपनी बालिग़ ज़िंदगी का ज़्यादा हिस्सा इंडिया के पूर्वी पंजाब के सरहिंद शहर में बिताया और वहीं आख़िरी सांस ली। भगत साधना का फ़लसफ़ा कुदरत की हुकम में राज़ी रहने वाला और मेहरबानी की क़द्रों-कीमतों के साथ जुड़ा हुआ था।
भगत सधना का रूहानी संदेश गुरु ग्रंथ साहिब में उनके १ सबद में दर्ज है।
भगत सधना की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ
निर्धारित संगीत-शास्त्र में सभी सबद अब उपलब्ध हैं।
सबदों की रूपक व्याख्याएँ दिसंबर २०२७ तक प्रकाशित होती रहेंगी।


