शेख़ फ़रीद की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ

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शेख़ फ़रीद सबद (੧੦੧ - ੧२੦)

शेख़ फ़रीद – सबद १०१

फरीदा मउतै दा बंना एवै दिसै जिउ दरीआवै ढाहा ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०२

फरीदा दरीआवै कंन्है बगुला बैठा केल करे ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०३

साढे त्रै मण देहुरी चलै पाणी अंनि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०४

फरीदा हउ बलिहारी तिन्ह पंखीआ जंगलि जिंन्हा वासु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०५

फरीदा रुति फिरी वणु क्मबिआ पत झड़े झड़ि पाहि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०६

फरीदा पाड़ि पटोला धज करी क्मबलड़ी पहिरेउ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०७

फरीदा गरबु जिन्हा वडिआईआ धनि जोबनि आगाह ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०८

फरीदा तिना मुख डरावणे जिना विसारिओनु नाउ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १०९

फरीदा पिछल राति न जागिओहि जीवदड़ो मुइओहि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद ११०

फरीदा कंतु रंगावला वडा वेमुहताजु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद १११

फरीदा दुखु सुखु इकु करि दिल ते लाहि विकारु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद ११२

फरीदा दुनी वजाई वजदी तूं भी वजहि नालि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद ११३

फरीदा दिलु रता इसु दुनी सिउ दुनी न कितै कमि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८३

शेख़ फ़रीद – सबद ११४

पहिलै पहरै फुलड़ा फलु भी पछा राति ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद ११५

दाती साहिब संदीआ किआ चलै तिसु नालि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद ११६

ढूढेदीए सुहाग कू तउ तनि काई कोर ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद ११७

सबर मंझ कमाण ए सबरु का नीहणो ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद ११८

सबर अंदरि साबरी तनु एवै जालेन्हि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद ११९

सबरु एहु सुआउ जे तूं बंदा दिड़ु करहि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४

शेख़ फ़रीद – सबद १२०

फरीदा दरवेसी गाखड़ी चोपड़ी परीति ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३८४