गुरु नानक का जीवन और रूपक संदेश
गुरु नानक, एकता के प्रतीक हैं जो एक क्रांतिकारी रूहानी मार्गदर्शक हैं। उनका १४६९ में पश्चिमी पंजाब के राये भोए की तलवंडी में हुआ जिसे अब ननकाना साहिब कहा जाता है। उन्होंने अनेकता में एकता के सत्य को प्रस्तुत किया तथा स्वीकार किया कि सम्पूर्ण सृष्टि एक संयुक्त रूप है। उन्होंने दो दशकों से भी ज़्यादा समय तक दूरवर्ती जगहों पर विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक मान्यताओं के लोगों के सामूहिक स्थलों पर इकाई का अनुभवजन्य ज्ञान साझा करने के लिए स्वार्थरहित सफ़र किया।
गुरु नानक का रुहानी संदेश गुरु ग्रंथ साहिब में उनके ९२८ सबदों में दर्ज है।
(नीला बटन - शैक्षिक सामग्री उपलब्ध है।)
(स्लेटी बटन - शैक्षिक सामग्री वर्तमान में उपलब्ध नहीं है।)
शिक्षा संसाधन - गुरु नानक
गुरु नानक के ९२८ सबदों पर आधारित शैक्षिक सामग्री जून २०२५ से दिसंबर २०२८ के बीच चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है।
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गुरु नानक सबद (१ - २०)


