भगत नामदेव का जीवन और रूपक संदेश।
भगत नामदेव का जन्म वर्ष १२७० ईस्वी में दमशेती और गुणाबाई के घर हुआ था। कहीं उनका जन्म स्थान
मराठवाड़ा में नारसी बहमानी दर्ज है और कहीं भीमा नदी के किनारे पंधारपुर दर्ज है। वह पेशे से एक रंगरेज़ थे जो कपड़े रंगते थे। वह 'छिम्बा' बिरादरी से थे जिसे निचली जाति माना जाता था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव की नाइंसाफी को अपने तन-मन पर झेला था। इसी कारण उनका औरतों तथा नीची जात की बिरादरी पर बहुत असर हुआ जिनको पुजारी श्रेणी ने मज़हबी ज़िंदगी जीने और मुकद्दस ग्रंथ पढ़ने की मनाही कर रखी थी।
भगत नामदेव का रूहानी संदेश गुरु ग्रंथ साहिब में उनके ६१ सबदों में दर्ज है।
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शिक्षा संसाधन - भगत नामदेव।
भगत नामदेव के ६१ सबदों पर आधारित शैक्षिक सामग्री जून २०२५ से दिसंबर २०२८ के बीच चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है।
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भगत नामदेव सबद (१ - १०)


