शिक्षा संसाधन - शेख़ फ़रीद।

शेख़ फ़रीद के १३२ सबदों पर आधारित शैक्षिक सामग्री जून २०२५ से दिसंबर २०२८ के बीच चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है।

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शेख़ फ़रीद सबद (२१ - ४०)

शेख़ फ़रीद – सबद २१

फरीदा खाकु न निंदीऐ खाकू जेडु न कोइ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २२

फरीदा जा लबु ता नेहु किआ लबु त कूड़ा नेहु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २३

फरीदा जंगलु जंगलु किआ भवहि वणि कंडा मोड़ेहि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २४

फरीदा इनी निकी जंघीऐ थल डूंगर भविओम्हि ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २५

फरीदा राती वडीआं धुखि धुखि उठनि पास ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २६

फरीदा जे मै होदा वारिआ मिता आइड़िआं ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७८

शेख़ फ़रीद – सबद २७

फरीदा लोड़ै दाख बिजउरीआं किकरि बीजै जटु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद २८

फरीदा गलीए चिकड़ु दूरि घरु नालि पिआरे नेहु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद २९

भिजउ सिजउ क्मबली अलह वरसउ मेहु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३०

फरीदा मै भोलावा पग दा मतु मैली होइ जाइ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३१

फरीदा सकर खंडु निवात गुड़ु माखिओ मांझा दुधु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३२

फरीदा रोटी मेरी काठ की लावणु मेरी भुख ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३३

रुखी सुखी खाइ कै ठंढा पाणी पीउ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३४

अजु न सुती कंत सिउ अंगु मुड़े मुड़ि जाइ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३५

साहुरै ढोई ना लहै पेईऐ नाही थाउ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३६

साहुरै पेईऐ कंत की कंतु अगमु अथाहु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३७

नाती धोती स्मबही सुती आइ नचिंदु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३८

जोबन जांदे ना डरां जे सह प्रीति न जाइ ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ३९

फरीदा चिंत खटोला वाणु दुखु बिरहि विछावण लेफु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९

शेख़ फ़रीद – सबद ४०

बिरहा बिरहा आखीऐ बिरहा तू सुलतानु ॥

सलोक, सेख फरीद, गुरु ग्रंथ साहिब, १३७९