शिक्षा संसाधन - गुरु नानक

गुरु नानक के ९२८ सबदों पर आधारित शैक्षिक सामग्री जून २०२५ से दिसंबर २०२८ के बीच चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है।

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गुरु नानक सबद (८१-१००)

गुरु नानक – सबद ८१

गुर ते निरमलु जाणीऐ निरमल देह सरीरु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ५७

गुरु नानक – सबद ८२

सुणि मन भूले बावरे गुर की चरणी लागु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ५७

गुरु नानक – सबद ८३

बिनु पिर धन सीगारीऐ जोबनु बादि खुआरु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ५८

गुरु नानक – सबद ८४

सतिगुरु पूरा जे मिलै पाईऐ रतनु बीचारु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ५९

गुरु नानक – सबद ८५

रे मन ऐसी हरि सिउ प्रीति करि जैसी जल कमलेहि ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ५९

गुरु नानक – सबद ८६

मनमुखि भुलै भुलाईऐ भूली ठउर न काइ ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६०

गुरु नानक – सबद ८७

तृसना माइआ मोहणी सुत बंधप घर नारि ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६१

गुरु नानक – सबद ८८

राम नामि मनु बेधिआ अवरु कि करी वीचारु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६२

गुरु नानक – सबद ८९

चिते दिसहि धउलहर बगे बंक दुआर ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६२

गुरु नानक – सबद ९०

डूँगरु देखि डरावणो पेईअड़ै डरीआसु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६३

गुरु नानक – सबद ९१

मुकामु करि घरि बैसणा नित चलणै की धोख ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ६४

गुरु नानक – सबद ९२

जोगी अंदरि जोगीआ ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७१

गुरु नानक – सबद ९३

सतिगुरि मिलिऐ फलु पाइआ ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७२

गुरु नानक – सबद ९४

आपे खसमि निवाजिआ ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७२

गुरु नानक – सबद ९५

तुधु आपे आपु उपाइआ ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७३

गुरु नानक – सबद ९६

पहिलै पहरै रैणि कै वणजारिआ मित्रा हुकमि पइआ गरभासि ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७४

गुरु नानक – सबद ९७

दूजै पहरै रैणि कै वणजारिआ मित्रा विसरि गइआ धिआनु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७५

गुरु नानक – सबद ९८

तीजै पहरै रैणि कै वणजारिआ मित्रा धन जोबन सिउ चितु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७५

गुरु नानक – सबद ९९

चउथै पहरै रैणि कै वणजारिआ मित्रा लावी आइआ खेतु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७५

गुरु नानक – सबद १००

पहिलै पहरै रैणि कै वणजारिआ मित्रा बालक बुधि अचेतु ॥

रागु सिरीरागु, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ७५