गुरु नानक की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ

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गुरु नानक सबद (२०१-२२०)

गुरु नानक – सबद २०१

डरि घरु घरि डरु डरि डरु जाइ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५२

गुरु नानक – सबद २०२

माता मति पिता संतोखु ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५१

गुरु नानक – सबद २०३

पउणै पाणी अगनी का मेलु ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५१

गुरु नानक – सबद २०४

सुणि सुणि बूझै मानै नाउ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५२

गुरु नानक – सबद २०५

जातो जाइ कहा ते आवै ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५२

गुरु नानक – सबद २०६

कामु क्रोधु माइआ महि चीतु ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५३

गुरु नानक – सबद २०७

उलटिओ कमलु ब्रहमु बीचारि ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५३

गुरु नानक – सबद २०८

सतिगुरु मिलै सु मरणु दिखाए ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५३

गुरु नानक – सबद २०९

किरतु पइआ नह मेटै कोइ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५४

गुरु नानक – सबद २१०

जिनि अकथु कहाइआ अपिओ पीआइआ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५४

गुरु नानक – सबद २११

जनमि मरै त्रै गुण हितकारु ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १५४

गुरु नानक – सबद २१२

दूजी माइआ जगत चित वासु ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२३

गुरु नानक – सबद २१३

अधिआतम करम करे ता साचा ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२३

गुरु नानक – सबद २१४

खिमा गही ब्रतु सील संतोखं ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२३

गुरु नानक – सबद २१५

ऐसो दासु मिलै सुखु होई ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२४

गुरु नानक – सबद २१६

ब्रहमै गरबु कीआ नही जानिआ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२४

गुरु नानक – सबद २१७

चोआ चंदनु अंकि चड़ावउ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२५

गुरु नानक – सबद २१८

सेवा एक न जानसि अवरे ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२५

गुरु नानक – सबद २१९

हठु करि मरै न लेखै पावै ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२५

गुरु नानक – सबद २२०

हउमै करत भेखी नही जानिआ ॥

रागु गउड़ी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, २२६