गुरु नानक की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ

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गुरु नानक सबद (६८१-७००)

गुरु नानक - सबद ६८१

आपे आपु उपाइ निराला ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३६

गुरु नानक - सबद ६८२

सुँन कला अपरंपरि धारी ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३७

गुरु नानक - सबद ६८३

जह देखा तह दीन दइआला ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३८

गुरु नानक - सबद ६८४

तू अंतरजामी जीअ सभि तेरे ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३८

गुरु नानक - सबद ६८५

ऐसे जन विरले संसारे ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३९

गुरु नानक - सबद ६८६

हरि धनु संचहु रे जन भाई ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०३९

गुरु नानक - सबद ६८७

सरब निरंजन पुरखु सुजाना ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४०

गुरु नानक - सबद ६८८

कालै कवलु निरंजनु जाणै ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४०

गुरु नानक - सबद ६८९

सचु कहहु सचै घरि रहणा ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४०

गुरु नानक - सबद ६९०

सच बिनु भवजलु जाइ न तरिआ ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४१

गुरु नानक - सबद ६९१

गुरमति लेहु तरहु सचु तारी ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४१

गुरु नानक - सबद ६९२

कामु क्रोधु परहरु पर निंदा ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४१

गुरु नानक - सबद ६९३

अंतरि नामु परापति हीरा ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४२

गुरु नानक - सबद ६९४

निरभउ सतिगुरु है रखवाला ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४२

गुरु नानक - सबद ६९५

कुदरति करनैहार अपारा ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४२

गुरु नानक - सबद ६९६

संत जनाँ हरि धनु जसु पिआरा ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४३

गुरु नानक - सबद ६९७

वाचहि पुसतक वेद पुरानाँ ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०४३

गुरु नानक - सबद ६९८

विणु गाहक गुणु वेचीऐ तउ गुणु सहघो जाइ ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०८६

गुरु नानक - सबद ६९९

भूली भूली मै फिरी पाधरु कहै न कोइ ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०८७

गुरु नानक - सबद ७००

महल कुचजी मड़वड़ी काली मनहु कसुध ॥

रागु मारू, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, १०८८