गुरु नानक की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ

सबदों की ऑडियो प्लेलिस्ट निर्धारित संगीत-शास्त्र में सुनें।

पृष्ठ ३१

गुरु नानक सबद (६०१-६२०)

गुरु नानक - सबद ६०१

इहु मनु निहचलु हिरदै वसीअले गुरमुखि मूलु पछाणि रहै ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४५

गुरु नानक - सबद ६०२

जा इहु हिरदा देह न होती तउ मनु कैठै रहता ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४५

गुरु नानक - सबद ६०३

हिरदा देह न होती अउधू तउ मनु सुँनि रहै बैरागी ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४५

गुरु नानक - सबद ६०४

कित कित बिध जग उपजै पुरखा कित कित दुख बिनस जाई ॥

राग रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६०५

गुरमुखि साचु सबदु बीचारै कोइ ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६०६

बिनु सतिगुर सेवे जोगु न होई ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६०७

गुरमुखि मनु जीता हउमै मारि ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६०८

सबदै का निबेड़ा सुणि तू अउधू बिनु नावै जोगु न होई ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६०९

तेरी गति मिति तूहै जाणहि किआ को आखि वखाणै ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९४६

गुरु नानक - सबद ६१०

सती पापु करि सतु कमाहि ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५१

गुरु नानक - सबद ६११

हिंदू कै घरि हिंदू आवै ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५१

गुरु नानक - सबद ६१२

ना सति दुखीआ ना सति सुखीआ ना सति पाणी जंत फिरहि ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५२

गुरु नानक - सबद ६१३

सो गिरही जो निग्रहु करै ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५२

गुरु नानक - सबद ६१४

सो अउधूती जो धूपै आपु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५२

गुरु नानक - सबद ६१५

सो उदासी जि पाले उदासु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५२

गुरु नानक - सबद ६१६

सो पाखंडी जि काइआ पखाले ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५२

गुरु नानक - सबद ६१७

सो बैरागी जि उलटे ब्रहमु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५३

गुरु नानक - सबद ६१८

किउ मरै मंदा किउ जीवै जुगति ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५३

गुरु नानक - सबद ६१९

नानकु आखै रे मना सुणीऐ सिख सही ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५३

गुरु नानक - सबद ६२०

सहंसर दान दे इंद्रु रोआइआ ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५३