गुरु नानक की रचनाओं की रूपकात्मक व्याख्याएँ और निर्धारित संगीत-शास्त्र में प्रस्तुतियाँ

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गुरु नानक सबद (६२१-६४०)

गुरु नानक - सबद ६२१

सावणु राति अहाड़ु दिहु कामु क्रोधु दुइ खेत ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५५

गुरु नानक - सबद ६२२

भउ भुइ पवितु पाणी सतु संतोखु बलेद ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५५

गुरु नानक - सबद ६२३

नानक इहु जीउ मछुली झीवरु तृसना कालु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५५

गुरु नानक - सबद ६२४

वेलि पिंञाइआ कति वुणाइआ ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५५

गुरु नानक - सबद ६२५

सच की काती सचु सभु सारु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५६

गुरु नानक - सबद ६२६

कमरि कटारा बंकुड़ा बंके का असवारु ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५६

गुरु नानक - सबद ६२७

सरवर हंस धुरे ही मेला खसमै एवै भाणा ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५६

गुरु नानक - सबद ६२८

साहिबु मेरा उजला जे को चिति करेइ ॥

रागु रामकली, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९५६

गुरु नानक - सबद ६२९

जतु सतु संजमु साचु दृड़ाइआ साच सबदि रसि लीणा ॥१॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९०७

गुरु नानक - सबद ६३०

ओअंकारि ब्रहमा उतपति ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९२९

गुरु नानक - सबद ६३१

इसु करते कउ किउ गहि राखउ अफरिओ तुलिओ न जाई ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३०

गुरु नानक - सबद ६३२

राजन राम रवै हितकारि ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३१

गुरु नानक - सबद ६३३

आइ विगूता जगु जम पंथु ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३१

गुरु नानक - सबद ६३४

कामु क्रोधु काइआ कउ गालै ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३२

गुरु नानक - सबद ६३५

चंचलु चीतु न रहई ठाइ ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३२

गुरु नानक - सबद ६३६

टूटै नेहु कि बोलहि सही ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३३

गुरु नानक - सबद ६३७

तरवरु काइआ पंखि मनु तरवरि पंखी पंच ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३४

गुरु नानक - सबद ६३८

पापु बुरा पापी कउ पिआरा ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३५

गुरु नानक - सबद ६३९

जो आवहि से जाहि फुनि आइ गए पछुताहि ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३६

गुरु नानक - सबद ६४०

ड़ाड़ै रूड़ा हरि जीउ सोई ॥

रागु रामकली दखणी, गुरु नानक, गुरु ग्रंथ साहिब, ९३६